Wednesday, June 5, 2024
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इस बार भी चलेगी नहर जवाई बांध का गेज 57.10 फीट, आधा मानसून अभी बाकी पाली और जालोर के 38 हजार हेक्टेयर में पहुंचेगा पानी

खुशियों की लहर • कमांड एरिया में बारिश नहीं होने के बावजूद सेई बढ़ा रहा जवाई का गेज, 57 गांवों के 50 हजार किसानों को लाभ

पाली जवाई बांध में अब किसानों की खुशियों का पानी आ रहा है। बांध का गेज 57.10 फीट पहुंच गया है। अभी आधा मानसून बाकी है। डेढ़ साल पेयजल की चिंता पूरी तरह खत्म होने के ही सेई से निरंतर आवक होने से किसानों के हिस्से की भरपाई भी हो रही है। लगातार दूसरे साल जवाई बांध व जालोर से से पाली सिंचित हो पाएगी। जुड़े 57 गांवों की 38671 हेक्टेयर जमीन

हालांकि, जवाई बांध के पानी के आरक्षण को लेकर बैठक होने में अभी करीब दो माह का समय है, फिर भी जवाई बांध में हुई अच्छी आवक से किसानों के हक का पर्याप्त पानी आ रहा है। बीते वर्ष पेयजल के लिए सिर्फ जवाई बांध में ही पानी आ पाया था, लेकिन इस बार गणित कुछ अलग है। इधर, हेमावास बांध भी ओवरफ्लो चुका है, जबकि बीते वर्ष इसमें कम ही आवक हुई थी। जवाई कमांड एरिया के किसानों को लगातार दूसरी साल भी खेती के लिए पानी मिलने से उनके चेहरों पर खुशी भी है। अगर अच्छी बारिश होती है तो बांध के गेट खुल सकते हैं। अभी बांध में 57.10 फीट के गेज में 6257.20 एमसीएफटी पानी का भराव हो पाया है, जबकि कुल भराव 732750 एमसीएफटी है। यानी अभी भी 1070.20 एमसीएफटी पानी कम है।

बंटवारे में सहायक बांधों में जमा पानी का ऐसा है गणित

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार जवाई बांध के पानी के आरक्षण से पूर्व जवाई बांध में जमा पानी के अलावा प्रमुख सहायक सेई, सिंदरू, कालीबोर व अन्य बांधों में जमा पानी भी शामिल किया जाता है। इसमें सभी बांधों में डेड स्टोरेज निकालने के बाद लाइव वाटर पर आरक्षण तय किया जाता है। इसके अलावा बांध के आंकड़े और पेयजल से जुड़े बांधों की स्थिति भी आंकी जाती है। पूरी गणित निकालने के बाद ही पानी की बंटवारा तय किया जाता है।

जवाई के पानी से ऐसे सिंचाई से जुड़े हुए हैं गांव गांव में सिंचाई के लिए जाता है पानी 57

38671

33

25825.40

24 गांव जालोर जिले के हेक्टेयर जमीन होती है सिंचित

गांव पाली जिले के हेक्टेयर जमीन बांध के पानी से होती है सिंचित

• 12845.60 हेक्टेयर जमीन

• 38600 किसान परिवार इसी पर निर्भर

जवाई से वंचित गांवों को भी धीरे-धीरे जोड़ रहे हैं

# जवाई बांध में पानी की आवक अच्छी होने से एक साल तक के लिए पेयजल की चिंता नहीं है। जवाई से जुड़े शहरों व गांवों के लिए पर्याप्त पानी है। हेमावास बांध में भी आवक हुई है। मानसून में अभी बारिश की उम्मीद है। जिले के अन्य बांधों में भी आवक होगी। जवाई में पानी अच्छा जमा होने से जवाई से वंचित गांवों को भी धीरे-धीरे जोड़ा जा रहा है। -मनीष माथुर, एसई, जलदाय विभाग, पाली

बांध में इस साल पानी की अच्छी आवक हो रही

जवाई बांध में लगतार दूसरे साल भी पानी की आवक अच्छी आवक हुई है। अभी मानसून के दिन बाकी है। जवाई का गेज 57 फीट से अधिक हो गया है। किसानों को भी इस बार भी सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। कितना पानी मिलेगा। यह मानसून पूरा होने के बाद होने वाली बैठक में तय होगा। फिलहाल सेई से पानी की आवक जारी है। -गंगाराम, एक्सईएन जलसंसाधन विभाग, सुमेरपुर

वर्ष

बांध में पानी की आवक

सिंचाई के लिए

पेयजल के लिए

2017

61.25 (7327.50)

4900

2885.14

2018

34.20 (2408.00)

नहीं दिया

पूरा आरक्षित

2019

55.25 (5807.00)

3350

1938.45

2020

55.45 (5855)

4000

2192.51

2021

17.80 (1106.00)

नहीं दिया

2022

60.25 (7026)

4010

3000

(पानी का आरक्षण जलसंसाधन विभाग के अनुसार एमसीएफटी व फीट में)

पूरा आरक्षित

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